📰 महाराष्ट्र में ऑनलाइन गेमिंग बैन की तैयारी? युवाओं में बढ़ती लत और अपराध पर सीएम फडणवीस ने जताई चिंता
मुंबई, 25 अगस्त 2025 — महाराष्ट्र में ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने को लेकर राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि उन्होंने इस विषय पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है और केंद्र सरकार इस पर “गंभीरता से विचार” कर रही है।
“ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने की शक्ति केवल केंद्र सरकार के पास है। इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र को है, इसलिए हमने इस मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है,” फडणवीस ने सदन में कहा।
⚠️ राजनीतिक दलों में सहमति, बढ़ते अपराधों पर चिंता
सीएम का यह बयान उस समय आया जब सभी दलों के विधायकों ने ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और जुए से जुड़े अपराधों में वृद्धि और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संकट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
शिवसेना विधायक कैलाश पाटिल ने अपने क्षेत्र का एक दिल दहला देने वाला मामला साझा किया:
“एक व्यक्ति ने अपनी तीन एकड़ जमीन और घर बेचकर ऑनलाइन गेमिंग की लत को पूरा किया। कर्ज में डूबने के बाद उसने अपनी गर्भवती पत्नी, दो साल के बेटे की हत्या की और फिर आत्महत्या कर ली।”
उन्होंने राज्य से आग्रह किया कि जैसे डांस बार पर प्रतिबंध लगाया गया था, वैसे ही अब ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर असर, राज्य ने भी टटोले कानूनी विकल्प
फडणवीस ने माना कि पिछले चार-पांच वर्षों में यह समस्या तेजी से बढ़ी है और राज्य सरकार ने इसे रोकने के लिए कानूनी विकल्पों की जांच की थी। हालांकि, उन्होंने कहा:
“ज्यादातर वेबसाइटें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होस्ट की जाती हैं। ऐसे मामलों में केवल केंद्र सरकार ही कारगर कार्रवाई कर सकती है। लेकिन राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस खतरे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।”
🎬 सेलिब्रिटीज को नसीहत: ऑनलाइन गेमिंग का प्रचार न करें
एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक अभिजीत पाटिल ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटीज पर भी नाराज़गी जताई।
“जब से सेलिब्रिटीज़ इन ऐप्स का प्रचार करने लगे हैं, लोग इन्हें आज़माने लगे हैं और नुकसान उठाने लगे हैं। ये प्रवृत्ति खतरनाक है,” उन्होंने कहा।
सीएम फडणवीस ने भी सेलिब्रिटीज़ से ऐसे प्रचार से बचने की अपील की और कहा कि राज्य सरकार यह भी देखेगी कि क्या ऐसे विज्ञापनों पर राज्य स्तर पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
📉 कंपनियों पर प्रभाव: निवेशकों में चिंता संभव
इस घोषणा से ऑनलाइन गेमिंग उद्योग से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों पर असर पड़ सकता है, जैसे:
- डेल्टा कॉर्प (कैसीनो और ऑनलाइन गेमिंग),
- नज़ारा टेक्नोलॉजीज (ई-स्पोर्ट्स और स्किल-बेस्ड गेमिंग),
- ऑनमोबाइल ग्लोबल (मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म्स)
ऐसी कंपनियां अब कड़ी निगरानी और नियामकीय बदलावों के केंद्र में रह सकती हैं।
⚖️ राज्य का संभावित कानून और केंद्र के साथ समन्वय
इससे पहले अप्रैल 2025 में, महाराष्ट्र सरकार ने स्किल-बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग के लिए अपना अलग नियामकीय ढांचा लाने की योजना बनाई थी, जिसमें लाइसेंस शुल्क और कड़े अनुपालन मानदंड शामिल थे।
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में बताया था कि सरकार एक सख्त कानून का मसौदा तैयार कर रही है जो साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी को रोक सकेगा।
“हम ऐसा ढांचा बना रहे हैं जो न केवल रोकथाम करेगा, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी देगा,” उन्होंने कहा।
📊 9.1 अरब डॉलर का उद्योग और सामाजिक चुनौती
भारत का ऑनलाइन गेमिंग उद्योग 2029 तक $9.1 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य संकट, आत्महत्याओं और वित्तीय नुकसान की घटनाओं के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकारें अब संतुलन साधने को मजबूर हैं — नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच।
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