संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिससे लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र भारतीय सैनिकों की बहादुरी और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को समर्पित रहेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में होने वाली चर्चाओं पर अंतिम निर्णय बिजनेस एडवाइजरी कमेटियों द्वारा लिया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार सरकार, लेकिन संसद के नियमों के तहत

21 जुलाई 2025 (सोमवार) से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने कहा कि वह ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि बहस संसदीय नियमों और प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए।

बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑपरेशन सिंदूर पर स्वयं जवाब देना चाहिए, साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के दावे पर भी स्पष्टता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, बिहार में चल रही मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) पर भी चर्चा की मांग की गई।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि चर्चा का अंतिम निर्णय लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटियों द्वारा लिया जाएगा। मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी।

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