हिमाचल में बारिश का कहर: 355 सड़कें बंद, 1,000 से अधिक ट्रांसफॉर्मर ठप
शिमला, 17 अगस्त (भाषा): हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य में कम से कम 355 सड़कें, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) भी शामिल हैं, अब भी बाधित हैं। साथ ही, 1,067 बिजली वितरण ट्रांसफॉर्मर काम नहीं कर रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित जिला मंडी है, जहां 202 सड़कें, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग 21 (NH-21) शामिल है, अवरुद्ध हैं।
अन्य जिलों की स्थिति इस प्रकार है:
- कुल्लू – 64 सड़कें (जिसमें NH-305 भी शामिल है)
- सिरमौर – 28 सड़कें
- कांगड़ा – 27 सड़कें
- चंबा – 9 सड़कें
- शिमला – 8 सड़कें
- ऊना – 7 सड़कें
- लाहौल–स्पीति – 6 सड़कें
- किन्नौर – 2 सड़कें (जिसमें NH-5 शामिल है)
- बिलासपुर और हमीरपुर – 1-1 सड़क
बिजली और पानी आपूर्ति भी बाधित
भारी बारिश के चलते 1,067 ट्रांसफॉर्मर बंद हो गए हैं, जिनमें:
- कुल्लू – 557 ट्रांसफॉर्मर
- मंडी – 385
- लाहौल–स्पीति – 112
- किन्नौर – 11
- चंबा – 2
पानी की आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। 116 योजनाएं बाधित हैं, जिनमें:
- मंडी – 44
- कांगड़ा – 41
- हमीरपुर – 14
- कुल्लू – 9
- शिमला – 4
- लाहौल–स्पीति – 3
- सोलन – 1
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में आगामी दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट‘ जारी किया है। यह चेतावनी 18, 21, 22 और 23 अगस्त के लिए दी गई है। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान, राज्य के कुछ हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि बाकी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश मंडी जिले के कटौला गांव में 120 मिमी दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख वर्षा रिकॉर्ड:
- कांगड़ा – 110.8 मिमी
- नाहन – 103 मिमी
- पांवटा साहिब – 69.8 मिमी
- भुंतर – 63.3 मिमी
- पालमपुर – 60.4 मिमी
- मंडी – 26 मिमी
- धर्मशाला – 20.6 मिमी
- बिलासपुर – 10.4 मिमी
- मनाली – 8 मिमी
- कुफरी – 4 मिमी
- सुंदरनगर – 2 मिमी
- शिमला – 1 मिमी
स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री का बयान
बढ़ते खतरे को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर स्कूलों को बंद किया जा सकता है, और इसका निर्णय मौसम और मार्गों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
