मुंबई में साइबर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला: कंपनी के खाते से ₹7.50 करोड़ की ठगी, SIM स्वैप घोटाले का शिकार हुई गुप्ता परिवार
मुंबई में एक चौंकाने वाली साइबर धोखाधड़ी के मामले में गुप्ता परिवार को भारी नुकसान हुआ है। ICICI बैंक की चर्चगेट शाखा में उनके कंपनी के चालू खाते से ₹7.50 करोड़ की राशि निकाल ली गई। यह पूरी धोखाधड़ी SIM स्वैप घोटाले के जरिए की गई, जिसमें आरोपित ने शिकायतकर्ता के भाई और पिता के मोबाइल नंबरों को हैक कर लिया।
घोटाले के बाद गुप्ता परिवार ने जब अपने बैंक खाते की जांच की, तो पता चला कि उनके खाते से एक के बाद एक कई लेन-देन हुए थे। आरोपितों ने SIM स्वैप करके दोनों मोबाइल नंबरों से OTP (One-Time Password) प्राप्त किए और खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस धोखाधड़ी के बारे में तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक काफी समय बीत चुका था।
यह मामला साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, जिसमें लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुंबई: साइबर अपराध का सनसनीखेज मामला, गुप्ता परिवार के खाते से ₹7.50 करोड़ की ठगी, SIM स्वैप घोटाले का शिकार
मुंबई में एक चौंकाने वाले साइबर अपराध के मामले में गुप्ता परिवार को बड़ा नुकसान हुआ है। ICICI बैंक की चर्चगेट शाखा में उनके कंपनी के चालू खाते से ₹7.50 करोड़ की राशि निकाल ली गई, जो कि एक SIM स्वैप घोटाले के कारण हुआ। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के भाई और पिता के मोबाइल नंबरों को हैक कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
घोटाले का तरीका और घटनाक्रम
21 दिसंबर से 23 दिसंबर के बीच, आरोपियों ने गुप्ता परिवार के कंपनी खाते से ₹7.50 करोड़ की रकम को 80 से अधिक ट्रांजैक्शंस के माध्यम से ट्रांसफर किया। पुलिस ने आरोपी से जुड़ी कई बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया है, लेकिन आरोपी अभी फरार है।
विनोद गुप्ता (65), जो मलाड वेस्ट में रहते हैं और अपने बेटों, विकास गुप्ता (37) और वरुण गुप्ता (39) के साथ स्टील ट्रेडिंग का व्यवसाय चलाते हैं, ने बताया कि 22 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे उनके रिश्तेदारों ने शिकायत की कि उनके पिता और भाई के मोबाइल नंबर कनेक्ट नहीं हो रहे थे, जबकि उनके फोन चालू थे। अगले दिन, वे एयरटेल गैलरी गए और पता चला कि उनके SIM कार्ड्स को ई-SIM में बदल दिया गया था। विकास गुप्ता ने बताया कि उनके पिता और भाई को कोई OTP (One-Time Password) या SIM स्वैप की कोई सूचना नहीं मिली थी, और उन्हें संदेह है कि यह प्रक्रिया स्वचालित रूप से हुई। एयरटेल कर्मचारी ने उन्हें अपने बैंक खातों की जांच करने की सलाह दी।
साइबर धोखाधड़ी का खुलासा
जब गुप्ता परिवार ने अपने व्यक्तिगत और कंपनी के बैंक खातों की जांच की, तो पाया कि ICICI बैंक के उनके कंपनी खाते से ₹7.50 करोड़ की रकम को IDFC, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, IDBI और अन्य बैंकों के खातों में ट्रांसफर किया गया था। 21 दिसंबर की सुबह 9.50 बजे से लेकर 23 दिसंबर की सुबह 11.21 बजे तक 80 से अधिक लेन-देन किए गए थे।
पुलिस कार्रवाई और जांच
गुप्ता परिवार ने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया और सोमवार को शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अब तक लेन-देन की जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खातों को फ्रीज़ कर दिया है। पुलिस जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की योजना बना रही है। गुप्ता ने कहा, “मेरे पिता और भाई को कोई OTP नहीं मिला, न ही उन्होंने कोई लिंक क्लिक किया। अधिकारियों के अनुसार, एक ठग ने उनके SIM कार्ड को क्लोन किया और इस अपराध को अंजाम दिया। अधिकांश लेन-देन रविवार को हुए थे, लेकिन बैंक ने भी यह नहीं पहचाना कि कुछ गड़बड़ हो रही थी। उन्हें कोई भी नोटिफिकेशन नहीं मिली, संभवतः क्योंकि SIM कार्ड्स क्लोन हो गए थे।”
यह घटना साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करती है, और इससे यह भी स्पष्ट होता है कि डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ लोगों को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।
