🇮🇳 शुभांशु शुक्ला बने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय, 41 वर्षों बाद रचा गया इतिहास
केप केनवरल/नई दिल्ली, 25 जून:
भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को इतिहास रच दिया। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। उन्होंने नासा के केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसX फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए Axiom Mission 4 (Ax-4) पर उड़ान भरी।
यह मिशन भारत की ओर से सरकारी स्तर पर भेजा गया पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जो 1984 में राकेश शर्मा की ऐतिहासिक सोवियत ‘सोयुज’ उड़ान के बाद अब संभव हुआ है। यह मिशन भारत के बहुप्रतीक्षित गगनयान मिशन का मार्ग प्रशस्त करता है, जिसके तहत 2026–27 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाना है।
🚀 राष्ट्र के गौरव की उड़ान
शुभांशु शुक्ला, जो गगनयान के लिए चयनित चार संभावित अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं, इस मिशन में स्पेसX क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान के पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद वे गुरुवार को ISS पर डॉक करेंगे। उनका यह अनुभव भारत के भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Ax-4 मिशन के दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री 14 दिन तक ISS पर रहेंगे और 60 से अधिक वैज्ञानिक और व्यावसायिक प्रयोग करेंगे। ये प्रयोग 31 देशों की सहभागिता से होंगे, जिनमें भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी, सऊदी अरब, ब्राज़ील, नाइजीरिया, UAE और यूरोप के कई देश शामिल हैं।
🧪 विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण प्रयोग
शुक्ला इस मिशन में Axiom स्पेस स्टेशन के भविष्य के विकास से जुड़े तकनीकी प्रयोगों में हिस्सा ले रहे हैं। वे विशेष रूप से साइनोबैक्टीरिया पर रिसर्च करेंगे — यह एक प्रकार का जीवाणु है जो कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलने की क्षमता रखता है।
शुक्ला ने एक इंटरव्यू में IANS से कहा था:
“हम यह जांच रहे हैं कि साइनोबैक्टीरिया माइक्रोग्रैविटी में कितनी कुशलता से ऑक्सीजन उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों को जीवनदायी वातावरण मिल सके।”
🇮🇳 राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्ला को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा:
“ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में भारत के लिए नया कीर्तिमान रचा है। पूरी राष्ट्र को गर्व है। Axiom मिशन में भारत, अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री मिलकर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को साकार कर रहे हैं।”
उन्होंने नासा और ISRO की साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष अन्वेषण के नए आयाम खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“हम भारत, हंगरी, पोलैंड और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्रियों को ले जा रही इस अंतरिक्ष उड़ान के सफल प्रक्षेपण का स्वागत करते हैं।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 1.4 अरब भारतीयों की आशाओं और सपनों को लेकर ISS की ओर बढ़ रहे हैं।
मैं उन्हें और पूरी टीम को सफलता की शुभकामनाएं देता हूँ।”
