अमेरिका के टैरिफ का सबसे बड़ा असर गरीबों पर, भारत बोला- “देशहित से कोई समझौता नहीं होगा”
नई दिल्ली, रॉयटर्स। अमेरिका द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाए जाने और ट्रंप द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को “डेड” कहे जाने के बाद विदेश मंत्रालय ने दो टूक प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, और यह आगे भी मजबूत रहेगी।
टैरिफ का बोझ उठाएंगे अमेरिका के गरीब
टैरिफ का सबसे बड़ा असर अमेरिका के गरीब वर्ग पर पड़ सकता है। रोजमर्रा की जरूरतों वाली वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, दवाइयां और खाद्य सामग्री महंगी हो सकती हैं। SBI की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन टैरिफों से भारत की अर्थव्यवस्था पर सीमित असर होगा, जबकि अमेरिकी उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय का जवाब — “नो कमेंट्स”
ट्रंप ने पाकिस्तान से भारत के तेल खरीदने का दावा किया था। इस पर रणधीर जायसवाल ने केवल दो शब्दों में जवाब दिया – “नो कमेंट्स”। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी कीमत पर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक और रक्षा साझेदारी पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी बीते वर्षों में मजबूत हुई है और भविष्य में और गहराने की संभावना है। उन्होंने कहा, “हम एक ठोस एजेंडे पर काम कर रहे हैं और हमें विश्वास है कि यह साझेदारी आगे बढ़ेगी।”
निमिषा प्रिया केस पर भारत सरकार सतर्क
निमिषा प्रिया की फांसी से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा, “यह एक संवेदनशील और जटिल मामला है।” उन्होंने बताया कि भारत सरकार इस मुद्दे पर हरसंभव मदद कर रही है और फिलहाल मौत की सजा पर रोक लगाई गई है। सरकार लोगों से अपील कर रही है कि अफवाहों से बचें और सिर्फ अधिकारिक अपडेट का इंतजार करें।
