पूर्वी अफगानिस्तान में दो शक्तिशाली आफ्टरशॉक, भूकंप से मरने वालों की संख्या 2,200 के पार

5 सितंबर, 2025 — अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में 12 घंटे के भीतर दो शक्तिशाली आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए गए, जिससे मौत और तबाही की आशंका और बढ़ गई है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज़ (GFZ) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 5.4 तीव्रता का भूकंप अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में आया। यह झटका गुरुवार देर रात आए एक अन्य भूकंप के कुछ घंटों बाद महसूस किया गया।

इन झटकों से पहले सप्ताह की शुरुआत में आए दो बड़े भूकंपों ने पहले ही देश को हिला कर रख दिया है। तालिबान प्रशासन के अनुसार अब तक 2,205 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,640 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नंगरहार प्रांत में लगातार झटके महसूस हो रहे हैं और क्षति का आकलन अभी जारी है।

31 अगस्त, रविवार रात करीब आधी रात, आए 6.0 तीव्रता के पहले भूकंप ने नंगरहार और कुनार प्रांतों में भीषण तबाही मचाई। यह भूकंप सतह से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे इसका प्रभाव और अधिक घातक साबित हुआ।

इसके बाद 2 सितंबर, मंगलवार को 5.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया, जिससे पहाड़ों से पत्थर गिरने लगे, सड़कें बंद हो गईं और बचाव कार्य बाधित हो गया। ज़्यादातर घर कच्ची दीवारों, पत्थर और लकड़ी से बने होने के कारण अस्थिर हैं, और कई परिवार अब झटकों के डर से खुले में रातें गुजारने को मजबूर हैं।

गुरुवार को आए भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के शिवा जिले में था, जो पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित है। नंगरहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने प्रारंभिक क्षति की सूचना दी है।

अब तक के भूकंपों ने दोनों प्रांतों में 6,700 से अधिक घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। बचावकर्मी मलबे से शवों को निकालने में लगे हैं, जबकि बचे हुए लोगों को पीने का पानी, भोजन और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य सहायता एजेंसियों ने तत्काल मानवीय सहायता की अपील की है, क्योंकि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

भूकंपों का यह सिलसिला अफगानिस्तान के हिंदू कुश पर्वतीय क्षेत्र में हो रहा है, जहाँ भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए पहले से ही संवेदनशील माना जाता है।

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