बहुत अच्छा”: ट्रंप ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया पर साजिश के आरोप के बाद बदला रुख, परेड को बताया “सुंदर समारोह”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर अपने बयानों से सबको चौंका दिया। चीन, रूस और उत्तर कोरिया पर अमेरिका के खिलाफ “साजिश” रचने का आरोप लगाने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उनका इन सभी देशों के नेताओं से “बहुत अच्छा” संबंध है।

साजिश के आरोप से ‘सुंदर परेड’ तक

ट्रंप ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन पर अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।

“शी जिनपिंग और चीन के अद्भुत लोगों को मेरी शुभकामनाएं दें… जैसे ही आप अमेरिका के खिलाफ साजिश करते हैं,” ट्रंप ने पोस्ट किया।

लेकिन कुछ ही घंटों बाद व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप का स्वर पूरी तरह बदल गया। उन्होंने बीजिंग में हुई चीनी सैन्य परेड को “बहुत सुंदर समारोह” बताया और कहा कि यह परेड खास तौर पर उनका ध्यान खींचने के लिए आयोजित की गई थी।

“जब उन्होंने वो किया जो किया, मैंने सोचा यह एक बहुत ही सुंदर समारोह था; बहुत प्रभावशाली। और मैं जानता था कि वे चाहते थे कि मैं देखूं — और मैंने देखा,” ट्रंप ने पत्रकारों से कहा।

सभी से अच्छे संबंध हैं”

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका इन सभी नेताओं के साथ व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं।

“मेरा रिश्ता इन सभी के साथ बहुत अच्छा है, और अगले एक-दो हफ्तों में हमें पता चलेगा कि ये कितना अच्छा है,” उन्होंने कहा।

अमेरिका का ज़िक्र करने पर ट्रंप नाराज़

ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस भाषण पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने चीन को “अपराजेय” बताया था, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका की भूमिका का ज़िक्र नहीं किया।

“मुझे लगता है कि हमने चीन को स्वतंत्रता की दिशा में बहुत मदद की है। मुझे विश्वास है कि अमेरिका को शी के भाषण में ज़रूर ज़िक्र किया जाना चाहिए था,” ट्रंप ने कहा।

3 सितंबर को चीन ने जापान पर विजय के 80 साल पूरे होने पर परेड आयोजित की थी, जिसमें शी, पुतिन और किम को एक साथ देखा गया — जिससे वैश्विक स्तर पर राजनीतिक संदेश गया।

क्रेमलिन की प्रतिक्रिया: “हमें उम्मीद है कि वह मज़ाक कर रहे थे”

ट्रंप के “साजिश” वाले बयान पर रूस की प्रतिक्रिया भी सामने आई। क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा:

“हमें उम्मीद है कि ट्रंप मज़ाक कर रहे थे। कोई साजिश नहीं है, कोई योजना नहीं है, किसी ने कुछ नहीं रचा।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन की भूमिका को सभी जानते हैं।

राजनीतिक विश्लेषण

ट्रंप के इस यू-टर्न ने फिर से उनकी विदेश नीति पर बहस को जन्म दे दिया है। विरोधियों का कहना है कि इस तरह के बयान अमेरिका की वैश्विक छवि को कमजोर करते हैं, जबकि समर्थक इसे एक “चालाक रणनीति” बता रहे हैं।

2026 के राष्ट्रपति चुनाव के नज़दीक आते ही ट्रंप की बदलती कूटनीतिक भाषा अमेरिकी राजनीति और विदेश नीति दोनों में हलचल पैदा कर रही है।

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