ट्रंप का 50% टैरिफ लागू, भारत ने बताया “अनुचित” | कैसे बिगड़ी भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025।
बुधवार, 27 अगस्त से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू कर दिया है, जिससे भारतीय सामानों पर कुल आयात शुल्क 50% तक पहुँच गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल खरीद जारी रखने की वजह से उठाया गया है। वहीं, भारत ने इन शुल्कों को “अनुचित और अस्वीकार्य” बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।

इस फैसले के साथ ही भारत पर लगने वाले शुल्क ब्राज़ील और चीन जैसे देशों की बराबरी पर पहुँच गए हैं, जो दुनिया के सबसे ऊँचे टैरिफ माने जाते हैं।

कैसे बढ़ा तनाव? – पूरा टाइमलाइन

फ़रवरी 2025

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में मुलाक़ात की। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने और एक सीमित व्यापार समझौते पर काम करने पर सहमति जताई।
  • भारत ने अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने का वादा किया।

मार्च

  • वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल वॉशिंगटन पहुँचे और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक व यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जैमिसन ग्रीर से मुलाक़ात की।
  • इसके बाद अमेरिकी अधिकारी भी दिल्ली पहुँचे।
  • USTR की वार्षिक रिपोर्ट में भारत की टैरिफ नीति, डेटा पॉलिसी और बौद्धिक संपदा (IP) नियमों को चुनौतीपूर्ण बताया गया।
  • दोनों पक्षों ने कहा कि “बातचीत अच्छी चल रही है।”

अप्रैल

  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस भारत आए।
  • एक रूपरेखा तय की गई और उम्मीद जताई गई कि जुलाई से पहले समझौता हो सकता है।

मई

  • पीयूष गोयल और भारत के मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल वॉशिंगटन पहुँचे। उस समय तक “ब्रेकथ्रू” की उम्मीद बनी रही।

जून

  • अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने कहा कि समझौता करीब है।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने “बड़ा समझौता जल्द” होने का वादा किया।
  • लेकिन जून के अंत तक कृषि और डेयरी उत्पादों पर टैरिफ को लेकर गतिरोध खुलकर सामने आ गया।
  • पीएम मोदी ने ट्रंप के डिनर निमंत्रण को ठुकराते हुए ओडिशा दौरे को प्राथमिकता दी।

जुलाई

  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल लौट आया।
  • गोयल ने कहा कि भारत केवल “समयसीमा पूरी करने” के लिए समझौता नहीं करेगा।
  • 5वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।
  • संसद में मोदी ने कहा कि “किसी भी वैश्विक नेता ने भारत को किसी ऑपरेशन को रोकने के लिए नहीं कहा,” जो ट्रंप के बयानों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी थी।
  • 31 जुलाई को ट्रंप ने घोषणा की कि भारत पर 25% टैरिफ अगस्त से लागू होगा, साथ ही “रूसी तेल खरीद” के लिए अलग सज़ा भी दी जाएगी।

अगस्त

  • 7 अगस्त: पहली बार 25% टैरिफ लागू हुआ। उसी दिन ट्रंप ने अतिरिक्त 25% शुल्क की घोषणा की।
  • पीएम मोदी ने कहा, “भारत किसानों से समझौता नहीं करेगा, चाहे कीमत कितनी भी भारी क्यों न चुकानी पड़े।”
  • भारत ने अमेरिकी नीति को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” बताते हुए खारिज किया और कहा कि इसे विदेश नीति से जोड़ना गलत है।
  • इसी बीच पीएम मोदी ने 7 साल बाद अपनी पहली चीन यात्रा का ऐलान किया।
  • 25-29 अगस्त की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल यात्रा रद्द हुई।
  • 22 अगस्त को व्हाइट हाउस सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर आरोप लगाया कि वह चीन और रूस दोनों से नज़दीकी बढ़ा रहा है।

27 अगस्त

  • दूसरी बार 25% अतिरिक्त टैरिफ लागू हुआ, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया। यह अमेरिका द्वारा किसी भी बड़े व्यापार साझेदार पर लगाए गए सबसे ऊँचे शुल्कों में से एक है।

भारत का जवाब

भारत ने कहा है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा नहीं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये टैरिफ “अनुचित, एकतरफ़ा और अनुबंधित समझौतों के विपरीत” हैं। साथ ही संकेत दिया गया कि भारत अपने किसानों और ऊर्जा ज़रूरतों से समझौता नहीं करेगा।

Editor-in-Chief- Vijay L Chaurasiya

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